Happy Birthday Mitthu
जन्मदिन मुबारक हो मिट्ठू
हां मुझे तुम्हारा यह नाम अब तक याद है... बचपन में तुम्हारी मां इस नाम से बुलाती थी न तुम्हें...और जैसे तुम बड़ी हुई, तुमको यह पसंद नहीं था, इसीलिए तुमने मां को मना कर दिया कि मुझे इस नाम से ना बुलाया करो...
हमारी शायद चौथी मुलाकात पर तुम्हारी प्यारी बातें सुनते हुए और तुम्हारी आँखों में झांकते हुए मैं खो सा जाता था...और तुम चुटकी बजा के ये कहती थी...
ध्यान कहां है..
मैं सिर्फ मुस्कुरा कर ये कहता...तुम्हारी मीठी बातों में खो गया था...तुम्हारा नाम मिट्ठू होना चाहिए..इतनी मीठी बातें जो करती हो...
तुम अचंभित हो कर आँखें फैला के अपने होंठों पर हाथ रखा और इधर उधर देखते हुए धीरे से मेरे कान में बोला... मेरी मां मुझे बचपन में मिट्ठू कहती थी...
हां तो अब मैं तुम्हें मिट्ठू ही कहूंगा..
तुम लजाई और मेरी आंखों में एकटक देखती रही..फिर से मुझे हिप्नोटाइज कर दिया...
आज तुम्हारी याद अंतस तक भिगो गई.. कुछ मौसम का पलटना कहो, तेज़ हवाएं, छम से आई फुहार का आना कहो, कुछ तुम्हारी सालगिरह का दिन कहो, कुछ तुमसे बिछड़ना कहो..सब वजहों का पुलिंदा आज लौट आया और कच्ची मिट्टी के घड़े के समान ढह गया...
तुमसे मुहब्बत थी और रहेगी, चाहे तुम साथ न भी हो...
सुना है तुमने ब्याह कर लिया है और अपने हमसफ़र के साथ खुश हो..
तुम खुश रहना, हो सके तो मुझे भूल जाना..
हां ये मुमकिन तो नहीं क्योंकि आखिरी मुलाक़ात पर जाते हुए तुम्हारी लड़खड़ाती आवाज़, भीगी पलकों, सिसकियां भरती छाती, लरज़ते होंठों और कंपकंपाते हाथों ने यह क़ायम कर दिया था कि ये कुछ महीने, ता ज़िन्दगी याद रहेंगे..
खैर भूला तो मैं भी नहीं...
Happy Birthday Mitthu

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